-
Advertisement
धर्मांतरण मामला: मास्टरमाइंड डॉक्टर पी. कुजूर अब भी फरार, हिंदू संगठनों ने दी आंदोलन की चेतावनी
बजरंग दल और दुर्गा वाहिनी ने नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन, 48 घंटे में कार्रवाई नहीं होने पर उग्र प्रदर्शन की चेतावनी
फर्रुखाबाद: कादरी गेट थाना क्षेत्र में संचालित परिवर्तन मिशन हॉस्पिटल में कथित धर्मांतरण (Conversion) के आरोपों से जुड़े मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। जहां एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, वहीं इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड बताया जा रहा डॉ. पी. कुजूर अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। इस बीच हिंदूवादी संगठनों (Hindu organizations) ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
बुधवार को बजरंग दल, दुर्गावाहिनी और मातृशक्ति संगठन के कार्यकर्ताओं ने नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 48 घंटे के भीतर परिवर्तन मिशन हॉस्पिटल को सीज कर मास्टरमाइंड डॉ. पी. कुजूर और अन्य फरार आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो संगठन जिले भर में उग्र प्रदर्शन करेंगे।
जानकारी के अनुसार, इस कथित धर्मांतरण नेटवर्क में प्रदीप मसीही नामक व्यक्ति का नाम भी सामने आया है, जो कई लोगों को चकमा देकर पहले ही फरार हो चुका है। बताया जा रहा है कि पास्टर जॉर्ज की भूमिका भी इस पूरे मामले में संदिग्ध बनी हुई है। सूत्रों का कहना है कि यह केवल एक व्यक्ति या संस्था की साजिश नहीं, बल्कि संगठित रूप से चलाया जा रहा धर्मांतरण का नेटवर्क है।
इस प्रकरण में पुलिस ने बीते दिनों एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा है, लेकिन मुख्य सरगना अभी भी कानून की पकड़ से बाहर हैं। जिससे आमजन और सामाजिक संगठनों में रोष व्याप्त है। हिंदूवादी संगठनों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि किसी भी कीमत पर जिले में जबरन धर्मांतरण जैसी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि प्रशासन ने तत्काल ठोस कदम नहीं उठाए तो बजरंग दल व सहयोगी संगठन सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
पूरे मामले को लेकर अभी तक प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से कोई ठोस बयान सामने नहीं आया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है और जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। यह प्रकरण जिले में धर्मांतरण से जुड़ी गतिविधियों पर प्रशासन की संवेदनशीलता और कार्यशैली की परीक्षा बन चुका है। देखना यह होगा कि हिंदू संगठनों की चेतावनी के बाद क्या प्रशासन सख्त कदम उठाता है या फिर मामला और अधिक गरमाता है।

