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जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक सम्पन्न: सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी पर चिंता, कड़े निर्देश जारी
– जिलाधिकारी ने एनएचएआई, पुलिस और लोक निर्माण विभाग को दिए कई निर्देश, राह-वीर योजना के प्रचार पर भी दिया बल
फर्रुखाबाद: कलेक्ट्रेट सभागार (Collectorate Auditorium) में जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी (DM Ashutosh Kumar Dwivedi) की अध्यक्षता में “जिला सड़क सुरक्षा समिति” (District Road Safety) की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या पर गंभीर चिंता जताई गई और संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए गए। सड़क हादसों में 30% से अधिक वृद्धि, दोपहिया वाहन सबसे ज्यादा जिम्मेदार बैठक के दौरान एआरटीओ (ARTO) प्रवर्तन सुभाष राजपूत ने बताया कि मई 2025 में जिले में 43 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 27 लोगों की मृत्यु और 24 लोग घायल हुए। जबकि मई 2024 में यह आंकड़ा 33 दुर्घटनाओं और 14 मृतकों का था। इस प्रकार, दुर्घटनाओं में 30.30% और मृतकों में 92.85% की वृद्धि दर्ज की गई। दुर्घटनाओं में 60% मामलों में दोपहिया वाहन शामिल पाए।
जिलाधिकारी ने एनएचएआई अधिकारियों को पांचाल घाट पुलिस चौकी के पास क्षतिग्रस्त मार्ग की मरम्मत तत्काल कराने के निर्देश दिए। साथ ही बताया गया कि एनएचएआई द्वारा 94 में से सिर्फ 70 जंक्शनों पर ही सुधारात्मक कार्रवाई हुई है, शेष पर भी जल्द कार्यवाही करने को कहा गया। नेकपुर चौरासी रेलवे ओवरब्रिज की ऊंचाई अधिक होने और रात्रि में दुर्घटना की संभावना को देखते हुए वहां क्रैश बैरियर लगाने, तथा पांचाल घाट सेतु की मरम्मत कार्य पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए गए।
जिलाधिकारी ने मसेनी से कादरीगेट तक के मार्ग पर सड़क संकेतक (साइनेज) और खतरनाक ढंग से खड़े विद्युत पोल को एक महीने के भीतर हटवाने और चिन्हांकन कराने का निर्देश दिया। साथ ही 30 जून तक ट्रैफिक व्यवस्था से संबंधित सभी कार्य पूर्ण करने को कहा गया। मई 2025 तक जिले में 44 हिट एंड रन घटनाएं, 49 मौतें और 28 घायल दर्ज किए गए, जबकि 2024 में यह संख्या 66 थी। परिवहन विभाग द्वारा इस वर्ष 95 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, जिनमें 18 मोबाइल फोन पर बात करते हुए, 2 शराब पीकर, और 73 ओवरलोडिंग के कारण निलंबित हुए हैं।
पुलिस विभाग द्वारा अभी तक कोई लाइसेंस निलंबन की संस्तुति नहीं की गई है। मुख्यमंत्री के निर्देश के क्रम में रांग साइड ड्राइविंग पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 281 के तहत एफआईआर दर्ज करने को कहा गया। इस धारा के अंतर्गत 6 माह तक का कारावास या ₹1,000 तक जुर्माना, अथवा दोनों का प्रावधान है। साथ ही, रांग साइड ड्राइविंग से मृत्यु होने पर मुआवजा नहीं देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा शुरू की गई ‘राह-वीर योजना’ के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए। योजना के अंतर्गत यदि कोई व्यक्ति गंभीर दुर्घटना के शिकार को गोल्डन ऑवर में अस्पताल पहुंचाता है, तो उसे ₹25,000 का पुरस्कार मिलेगा। यह योजना 31 मार्च 2026 तक प्रभावी रहेगी।
जिलाधिकारी ने कादरीगेट, लालगेट और रोडवेज बस अड्डे से अतिक्रमण हटवाने हेतु टीम गठित कर कार्यवाही के निर्देश दिए। इसके लिए थानाध्यक्षों, नगर पालिका ईओ और लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं को साथ मिलकर कार्य करने को कहा गया। बैठक में परियोजना निदेशक एनएचएआई शिवम सिंह, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग मुरलीधर व अशोक कुमार, क्षेत्राधिकारी यातायात ऐश्वर्या उपाध्याय, डीआईओएस नरेन्द्र पाल सिंह, नगर पालिका ईओ विनोद कुमार, थानाध्यक्ष कादरीगेट आमोद कुमार सिंह, टीएसआई सतेंद्र कुमार सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।

