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समर सेबिल में आगजनी से लाखों का नुकसान
– पीड़ित ने पुलिस पर लापरवाही का लगाया आरोप
– पीड़ित आदित्य कुमार ने 10 नामजद आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में लगाया गुहार
– थाने की कार्यशैली पर उठे सवाल
मोहम्मदाबाद (फर्रुखाबाद): थाना मोहम्मदाबाद (mohammadabad) क्षेत्र के ग्राम नगला मोती में जल सिंचाई (water irrigation) के लिए उपयोग में लाए जा रहे समर सेबिल में पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई, जिससे करीब डेढ़ लाख रुपये की संपत्ति स्वाहा हो गई। इस मामले में पीड़ित आदित्य कुमार ने पुलिस की निष्क्रियता से क्षुब्ध होकर 10 लोगों के खिलाफ न्यायालय की शरण ली है। आरोपियों द्वारा जान से मारने की धमकी दिए जाने का आरोप भी लगाया गया है।
पीड़ित आदित्य कुमार के अनुसार, ग्रामसभा नींव करोरी के गाटा संख्या 911 और 912 पर स्थित उनकी खेती योग्य भूमि पर पिछले 15 वर्षों से एक समर सेबिल स्थापित है, जिसका उपयोग सिंचाई कार्य के लिए होता रहा है। बताया गया कि उक्त भूमि पर उनका अन्य सह-खातेदारों से मुकदमा न्यायालय में लंबित है, जिसके चलते विवाद की स्थिति बनी हुई है।
पीड़ित का आरोप है कि इसी रंजिश के चलते बीते 31 अक्टूबर 2024 की रात करीब 9:30 बजे गांव के ही 10 नामजद लोगों ने समर सेबिल में तोड़फोड़ की और छत पर रखे टीन व भारी लकड़ी के पहिए नीचे फेंक दिए। इसके बाद खिड़की के रास्ते पेट्रोल डालकर समर में आग लगा दी गई, जिससे अंदर रखी चार प्लास्टिक की कुर्सियाँ, पाँच पाइप, स्टार्टर, सेफ्टी वायर केबल और अन्य कृषि उपकरण जलकर राख हो गए। इस आगजनी में समर का बोर भी क्षतिग्रस्त होकर करीब 20 फीट तक नीचे धंस गया।
आदित्य कुमार ने बताया कि जब वह मौके पर पहुंचे तो आरोपी आग में लकड़ी डालकर और अधिक नुकसान पहुँचा रहे थे। विरोध करने पर उन्हें जातिसूचक शब्दों से गाली-गलौज की गई और धमकी दी गई कि यदि उन्होंने अदालत में लंबित मुकदमा वापस नहीं लिया तो और भी गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। पीड़ित ने यह भी कहा कि थाने में शिकायत करने पर उसे झूठे मुकदमे में फँसाने और जान से मारने की धमकी दी गई।
इस घटना के प्रत्यक्षदर्शी गाँव के कमल, अर्जुन और अन्य लोगों ने आग बुझाने में मदद की और पूरे घटनाक्रम की पुष्टि की है। पीड़ित ने घटना के बाद कई बार थाना मोहम्मदाबाद में रिपोर्ट दर्ज करवाने की कोशिश की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बाद में 7 अप्रैल 2025 को उन्होंने पुलिस अधीक्षक को भी रजिस्टर्ड डाक से लिखित शिकायत भेजी, मगर कोई संज्ञान नहीं लिया गया। थक हारकर आदित्य कुमार ने न्याय की गुहार लगाते हुए न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल किया है और आग्रह किया है कि थाना मोहम्मदाबाद को एफआईआर दर्ज कर विधिक कार्यवाही करने का आदेश दिया जाए।
इस घटना ने एक बार फिर क्षेत्र में पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहाँ एक ओर आगजनी जैसी गंभीर वारदात के बावजूद कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई, वहीं पीड़ित को न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाना पड़ा। अब देखना यह होगा कि अदालत के निर्देश के बाद पुलिस हरकत में आती है या नहीं।

